Bank Merger News 2024: जल्द 4 सरकारी बैंक हो जाएंगे खत्म, करोड़ों ग्राहकों को हो सकती हैं परेशानियां

Bank Merger News: विश्व भर में नागरिकों को बचत के लिए प्रेरित करने हेतु बैंकिंग सर्विसेज अस्तित्व में लाई गई थी । ऐसे में भारत मे जहां शुरुआत में केवल सरकारी बैंक का ही अस्तित्व था वही समय के साथ अब सहकारी और प्राइवेट बैंक भी अस्तित्व में आ गई है। भारत सरकार द्वारा बैंकिंग सर्विसेज लोगों को बचत के लिए प्रेरित करने हेतु तथा अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी जिससे भारत में बेहद प्रतिसाद भी मिल रहा है । यह बैंक आपके द्वारा बनाए गए खातों पर ब्याज भी उपलब्ध कराती है । वही इन बैंक के माध्यम से आप लोन भी ले सकते हैं। कुल मिलाकर भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक का अपना  एक बजट अकाउंट किसी ने किसी बैंक में अवश्य है।

Bank Merger News 2024: यह 4 बैंक होंगे मर्ज

एक ओर जहां बैंकिंग सर्विसेज दिन-ब-दिन और बेहतर होती जा रही है और आजकल तो केवल एक क्लिक में ही बैंकिंग सर्विसेज ग्राहकों के पास में उपलब्ध कराई जा रही है । वहीं हाल ही में ग्राहकों के लिए RBI ने एक नई खबर जारी की है जिसमें उन्होंने बताया है कि चार बैंकों को अब जल्द ही मर्ज किया जाएगा । एक रिपोर्ट के अनुसार यूनियन बैंक ,यूको बैंक union bank and UCO bank merge आपस में मर्ज होने वाले हैं । वही बैंक ऑफ़ इंडिया और बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र  bank of india and bank of maharashtra को भी मर्ज किया जाएगा । ऐसे में ग्राहकों के बीच में फिर से चिंता मंडरा रही है कि इन बैंकों के ग्राहकों का क्या होगा?  वे सभी ग्राहक जिनका इस बैंक में अकाउंट है या जिन्होंने इस बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट करवाया है या लोन लिया है

उन सभी पर इस मर्जर का क्या असर होगा ? इसको लेकर ग्राहकों में विभिन्न प्रकार के प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं। आज के इस लेख  में हम आपको बैंक मर्जर की वजह से होने वाले विभिन्न प्रभाव के बारे में बताएंगे जिससे आपको पता चलेगा कि इन बैंक के मर्जर से ग्राहक पर क्या प्रभाव पड़ता है और अकाउंट होल्डर को क्या विभिन्न बदलाव देखने को मिलते हैं?

Bank Merger News
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अकॉउंट होल्डर पर प्रभाव

  • बैंक के मर्जर से सबसे ज्यादा प्रभाव अकाउंट होल्डर पर पड़ता है ।
  • जब दो बैंक आपस में मर्ज होती है तो उनकी पॉलिसीज बदलती है ऐसे में मर्ज की गई बैंक अपने ग्राहकों को नई चेक बुक, नए डेबिट कार्ड जारी करती है वहीं कई बार तो इनके IFSC कोड भी बदल जाते हैं जिसकी वजह से अकाउंट होल्डर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरेंस कंपनी ,म्युचुअल फंड निवेश की कंपनी तथा अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय जगह पर इन सारी जानकारी को अपडेट करना होता है ।
  • इसके साथ ही यदि इन अकाउंट होल्डर ने EMI ,ऑटोमेटेड बिल पेमेंट के निर्देश सुविधा ली हुई है तो उन्हें भी यह नई जानकारी अपडेट करनी पड़ती है ।
  • कुल मिलाकर मर्जर की वजह से बैंक यूनिट में नए बदलाव लाती है जिसका असर अकाउंट होल्डर पर निश्चित रूप से पड़ता हैम

फिक्स्ड डिपॉजिट होल्डर पर क्या असर पड़ेगा

  • वे सभी उपभोक्ता जिन्होंने बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के खाते खोले हैं उन सभी पर बैंकों के मर्जर पर भी कुछ ना कुछ असर जरूर पड़ता है।
  • परंतु हां ब्याज दर के बारे में चिंता करने की इन उपभोक्ताओं को कोई जरूरत नहीं होती क्योंकि ब्याज दर RBI द्वारा निर्धारित होता है ऐसे में यदि बैंक आपस में मर्ज कर भी लेती है तो ब्याज दर की  दर में कोई बदलाव नहीं होता ।
  • हालांकि यूनिट अपने बाकी महत्वपूर्ण फैसलों में बदलाव ले सकती है परंतु FD पर इस मर्जर का कोई असर नहीं होता।

लोन लेने वाले उपभोक्ताओं पर क्या असर होता है ?

  • यदि आपने किसी बैंक से लोन लिया है और वह बैंक किसी अन्य बैंक के साथ मर्ज करने वाली है तो ऐसे में लोन की ब्याज दरों के लिए भी उपभोक्ता को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट के तरह ही लोन की ब्याज दर में भी किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होता ।
  • हालांकि बैंक यूनिट अवधि या ब्याज रिसेट करने की अवधि में बदलाव कर सकती है परंतु दरों में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होता है ।
  • इसके साथ ही यदि अगर लोन बेस रेट पर है तो ग्राहक को मर्जर के बाद एमसीएलआर MCLR पर स्विच करने का विकल्प निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाता है।
  • परंतु ग्राहक बिना किसी झंझट के अपने EMI का भुगतान इस मर्जर के दौरान भी जारी रख सकता है।

बैंक कर्मचारियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा

  • मर्जर के दौरान कई बार कुछ बैंक अपनी कई ब्रांचेस को बंद भी कर देती है ,ऐसे में कर्मचारियों पर किसी प्रभाव का विपरीत प्रभाव न पड़े इसीलिए इन कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जाता है और मर्जर को लेकर छोटे-मोटे बदलाव भी किए जाते हैं ।
  • परंतु मर्जर के दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि कर्मचारियों पर किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव न पड़े और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस प्रकार यदि आपका भी खाता उपरोक्त दी हुई बैंक में है तो आपको भी घबराने की जरूरत नहीं है इन बैंकों के विलय होने से महत्वपूर्ण बदलाव जरूर होते हैं परंतु उन बदलाव की वजह से ग्राहक के पैसे और सुविधाओं पर किसी प्रकार का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता।

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