बुढ़ापे में नहीं होगी पेंसो की दिक्कत। बैंक लाया हे नयी स्कीम, जानिए इस खास स्कीम के बारें में!

Reverse Mortgage Loan: रिवर्स मॉर्टगेज लोन एक विशिष्ट प्रकार का होम लोन है, जो आमतौर पर एक 60 साल के  वरिष्ठ नागरिक को उसके घर को गिरवी रखने पर दिया जाता है। हालांकि, यह घर गिरवी रखने की प्रक्रिया से अलग है क्योंकि इसमें घर के मालिक का घर मॉर्टगेज होने के बाद में भी मालिक के नाम पर ही होता है । वही गिरवी रखने पर आवेदनकर्ता को लोन की एकमुश्त रकम नहीं दी जाती ,बल्कि मासिक त्रैमासिक, छः मासिक इस तरह से किस्तों में लोन की रकम दी जाती है । वहीं इसमें होम लोन की तरह हर महीने मंथली पेमेंट,चार्जेज भरने नहीं  पड़ते बल्कि बैंक घर मालिक के घर छोड़ देने के बाद अथवा उसकी मृत्यु के पश्चात उस घर को बेचकर लोन  की रकम वसूल लेती है।

आईये रिवर्स मॉर्टगेज लोन के बारे में विस्तार से जानते हैं

Reverse Mortgage Loan वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण स्कीम है जिसके माध्यम से वरिष्ठ नागरिक अपने घर को बैंक के पास गिरवी रखकर अलग आय स्रोत प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिक बिना किसी पर निर्भर हुए अपने रोजमर्रा के खर्च या अपना मेडिकल खर्च उठा सकते हैं ।

Reverse Mortgage Loan
Reverse Mortgage Loan

वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान जनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध

आमतौर पर देखा जाता है कि वरिष्ठ नागरिक अपने घर में अकेले रहते हैं ऐसे में कई बार वरिष्ठ नागरिकों के पास आर्थिक सुविधा की कमी हो जाती है ,हालांकि इस उम्र तक आते-आते वरिष्ठ नागरिक अपने लिए फिक्स्ड डिपॉजिट आथवा पेंशन राशि की व्यवस्था कर लेते हैं परंतु कई बार ऐसे कुछ खर्च आ जाते हैं जिन्हें पूरा करने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट और पेंशन की राशि पूरी नहीं पड़ती इसीलिए बैंक ने होम लोन के बिल्कुल विपरीत एक ऐसी व्यवस्था शुरू की है जहां घर का मालिक अपने घर पर ही लोन प्राप्त कर सकता है और वह भी बिना मालिकाना हक गंवाए।

Reverse Mortgage Loan होम लोन के बिल्कुल उलट है। होम लोन में जब तक आवेदनकर्ता लोन अमाउंट नहीं चुका देता बैंक ही घर का मालिक होता है।  वहीं रिवर्स मॉर्टगेज लोन में बैंक आवेदनकर्ता को उसके घर पर लोन उपलब्ध कराती है जहां आवेदनकर्ता अपना मालिकाना हक नहीं गंवाता ,वही साथ ही साथ समय-समय पर एक निश्चित अंतराल में रिवर्स मॉर्टगेज लोन के अंतर्गत आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकता है।

चलिए इसे एक उदाहरण से समझते हैं Reverse Mortgage Loan के बारे में

  • मान लीजिए आप किसी एक ऐसे बुजुर्ग को जानते हैं जिनके पास खुद की संपत्ति है, वह अपनी इस संपत्ति को बैंक को गिरवी रखकर रिवर्स मॉर्टगेज लोन लेना चाहते हैं इसके लिए वह बैंक से संपर्क करेंगे ।
  • बैंक अपने किसी कर्मचारी को आवेदनकर्ता के घर पर उनके घर का मूल्यांकन करने के लिए भेजती है ।
  • इसके बाद घर को देखने के पश्चात घर की उच्चतम कीमत निर्धारित की जाती है ।
  • इस उच्चतम कीमत का 60% से 80% तक का अमाउंट आवेदनकर्ता को दिया जाता है ।
  • वही बैंक यह सुनिश्चित करती है कि आवेदनकर्ता को पूरी राशि एक बार में ना दी जाए बल्कि उसे बीच-बीच में एक निश्चित अंतराल में कुछ अमाउंट दिया जाए ।
  • मान लीजिए किसी घर की उच्चतम कीमत 1 करोड़ निर्धारित की गई ऐसे में आवेदनकर्ता को 80 लाख रुपए अधिकतम अमाउंट मिलेगा।
  • उसमें भी आवेदनकर्ता को एकमुश्त राशि नहीं दी जाएगी बल्कि उसे समय-समय पर अधिकतम 15 लाख की राशि दी जाएगी।
  • जिसमें 15 से 20 साल तक आवेदनकर्ता को हर महीने कुछ अमाउंट दिया जाएगा।

आईए जानते हैं इस Reverse Mortgage Loan के लाभ क्या-क्या है

रिवर्स मॉर्टगेज मुख्य रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है । वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए शुरू किया गया है आईए जानते हैं इसके मुख्य लाभ कौन-कौन से हैं:

1. अतिरिक्त आय स्रोत

वरिष्ठ नागरिक आमतौर पर बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट और बचत योजना या पेंशन योजना के आधार पर अपना जीवन यापन करते हैं। परंतु गिरते हुए स्वास्थ्य, बढ़ती उम्र के चलते कई बार यह रकम पूरी नहीं पड़ती ऐसे में इस योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को एक एक्स्ट्रा इनकम सोर्स प्राप्त होता है जिससे वह अपना अंतिम समय सम्मानजनक तरीके से काट सकते हैं।

2. संपत्ति पर मालिकाना हक बनाए रखना

रिवर्स मॉर्टगेज लोन के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिक  घर गिरवी रखने के पश्चात भी अपने घर पर मालिकाना हक रखते हैं, उनके अंतिम समय तक बैंक उन्हें उनके घर से नहीं निकालती। हालांकि यह ऋण अवधि पूरे होने के बाद भी लागू होता है जहां बैंक किसी भी वरिष्ठ नागरिक को उसके घर से नहीं निकाल सकती।

3. लोन चुकाने की आवश्यकता नहीं

 Reverse Mortgage Loan Yojana के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को लोन चुकाने का कोई प्रेशर नहीं होता । वरिष्ठ नागरिक अपना अंतिम समय अपने घर में रिवर्स मॉर्टगेज लोन का आर्थिक लाभ प्राप्त कर काट सकता है। वही आवेदनकर्ता के मरने के बाद या उसके कहीं और शिफ्ट हो जाने के पश्चात बैंक इस गिरवी रखे हुए घर को बेचकर अपनी लोन की राशि निकाल लेता है। हालांकि यदि उत्तराधिकारी चाहे तो ऋण राशि का भुगतान कर घर वापस भी प्राप्त कर सकता है।

आयकर लाभ

 वही रिवर्स मॉर्टगेज लोन को किसी प्रकार की आय नहीं माना जाता इसीलिए इस लोन पर इनकम टैक्स विभाग किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं वसूलता।

लाभ के साथ-साथ Reverse Mortgage Loan में कुछ कमियां भी है जो इस प्रकार से है:

  • रिवर्स मॉर्टगेज लोन की वजह से उधर करता के मरने के पश्चात उसकी संपत्ति बैंक द्वारा बेच दी जाती है ऐसे में उत्तराधिकारी को किसी प्रकार की कोई विरासत नहीं मिलती।
  • रिवर्स मॉर्टगेज लोन पर ट्रेडिशनल लोन से अधिक चार्ज लिया जाता है, वही इस पर ब्याज भी ट्रेडिशनल लोन से अधिक लगता है।
  • रिवर्स मॉर्टगेज लोन लेने के पश्चात भी आवेदनकर्ता को अपने घर के अन्य खर्चो का वहन करना पड़ता है, जैसे की संपत्ति कर ,घर का इंश्योरेंस, घर के रखरखाव का खर्चा सब आवेदन करता को ही उठाना पड़ता है ।
  • वहीं यदि किसी वजह से आवेदनकर्ता को अपने घर में कोई रिनोवेशन करनी है या घर में कोई कंस्ट्रक्शन करना है तो ऐसे में आवेदनकर्ता को बैंक से अनुमति लेनी पड़ती है ।
  • इसके अलावा रिवर्स मॉर्टगेज लोन की टर्म और कंडीशन काफी जटिल होती है जिसे समझने के लिए आमतौर पर आवेदनकर्ता को कानूनी सलाह लेनी पड़ती है।

निष्कर्ष

इस प्रकार कुल मिलाकर हम संक्षेप में यह कह सकते हैं कि रिवर्स मॉर्टगेज लोन RML वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बेहतर एक्स्ट्रा इनकम सोर्स जरूर है, परंतु इसकी जटिलता को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह भी आवश्यक है कि वह रिवर्स मॉर्टगेज लोन के विकल्प को चुनने से पहले किसी

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